इतिहास

25 मई, 1 998 को कोरबा को जिले का दर्जा दिया गया था | कोरबा छत्तीसगढ़ के उत्तर-मध्य भाग में स्थित एक आदिवासी बहुल जिला है।

कोरबा छत्तीसगढ़ राज्य की उर्जधानी के रूप में भी जाना जाता है | यह बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आता है और मुख्य रूप से आदिवासी बहुल जिला है जिसमे संरक्षित जनजाति कोरवा (पहाड़ी कोरवा ) भी आते है | कोरबा जिला हरे-भरे वनों से आच्छादित है, वन क्षेत्रो में आदिवासियो का निवास है, जो की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विशेषता अवम परंपरा को बनाये हुए है |

कोरबा को छत्तीसगढ़ राज्य के आद्योगिक केंद्र के रूप में भी जाना जाता है | जिले में विद्युत् उत्पादन हेतु आवश्यक सभी कच्चा माल (कोयला और पानी) प्रचुर मात्र में उपलब्ध है |जिले में स्थित ताप विद्युत् घर (एन.टी.पी.सी., केटीपीएस, बाल्को और बीसीपीपी, डीएसपीएम, सीएसईबी ईस्ट, सीएसईबी वेस्ट) से 3650 मेगावाट विद्युत् का उत्पादन किया जाता है | इनके अलावा, माचादोली , बांगो में स्थित एक हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर स्टेशन है। जिले में कोयला प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, कोल इंडिया लिमिटेड (एस.ई.सी.एल.) की कई महत्वपूर्ण कोयला खान जिले में स्थित है | इसके अतिरिक्त एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी (बालको) भी जिले में स्थित है |